हिन्द है खतरे में करने ये आगाज़ आये है,
देश के लिए मर मिटना सीखो कहने ये पुराणी नस्लों के जांबाज आये हैं.
अब भी न सुधरे तुम तो हिन्द की बर्बादी दूर नहीं देने ये आवाज आये हैं ,
हिन्द है खतरे में करने ये आगाज़ आये हैं.
हिन्द की आजादी के लिए जान हथेली पे लेके लडे थे हम ,
भारत माँ के आँचल की रक्षा के लिए
आखिरी लहू की बूँद तक हिमालय की तरह खड़े थे हम .
जाति और धर्मबाद की बेड़िओ मे कैसा मेरे देश को जकड़ा है ,
ऐसा लगता है मानो फिरंगी तो चले गए पर अब तो हिन्द का हिन्द से झगड़ा है .
हिन्द है खतरे में करने ये आगाज़ आये है,
देश के लिए मर मिटना सीखो कहने ये पुराणी नस्लों के जांबाज आये हैं.
हमारी क़ुर्बानिओ का ये कैसे सिला दिया जा रहा है ,
आये दिन किसी सीता का अपहरण और किसी द्रोपदी का चीरहरण किया जा रहा है .
अब तो लगता है की अच्छा होता अगर इसको गुलाम ही रहने देते,
दुनिआ के भूगोल पर बदनाम ही रहने देते .
हिन्द को फिर से कुछ बभीसणो से बचाना होगा ये हुंकार लगाते हैं ,
मातृभूमि की रक्षा मे तत्पर वीरों को पुकार लगाते हैं .
हिन्द है खतरे में करने ये आगाज़ आये है,
देश के लिए मर मिटना सीखो कहने ये पुराणी नस्लों के जांबाज आये हैं.
जिस मिटटी के लिए हमारे गुरुओ ने कर दिए अपने बंस न्योछाबर ,
उस मिटटी के लिए जागो कहने ये उनके बाज़ आये हैं
हिन्द है खतरे मे करने ये आगाज़ आये हैं
देश के लिए मर मिटना सीखो कहने ये पुराणी नस्लों के जांबाज आए हैं
