निकल पड़े है,

राही अपनी मंजिलों के लिए,

दिल में आशा लिए,

मन में कई सवाल लिए,

आँखों में आँसू,खोफ लिए,

हाथों में सामान,कंधों पे जिम्मेदारी लिए,

पाँव में छाले लिए,

निकल पड़े हैं मीलों के सफर पे,

करके सारी मुश्किलों को दरकिनार,

बस निकल पड़े है,

मंजिल पे पहुँचने का पता नहीं,

बस मन एक आस लिए,

निकल पड़े हैं!!!

करन/@karanrajput0911/@kavishala_hindi