जहन में आकर,
रूह को छूकर,
तुम चुपचाप गुजर जाना,
बारिश की हवा की तरह आना,
मिट्टी की खुशबू की तरह चुपचाप गुजर जाना,
रोकेगी तुम्हें हमारी तन्हाई,
थामना चाहेगी तुम्हारा हाथ,
पर तुम चुपचाप गुजर जाना,
बेबस खुद को दिखाएगी तन्हाई,
पर तुम चुपचाप गुजर जाना,
हम छुपा लेंगे अपने आँखो के आँसुओ को,
बस तुम चुपचाप गुजर जाना,
रोकना चाहेगी कुछ पल के लिए हमारी धड़कन तुम्हें,
पर तुम इन्हें अनसुना कर,
चुपचाप गुजर जाना।
करन/@karanrajput0911/@kavishala_hindi


