कई सपनों को लेके बैठा है वो,
समझाते हुए खुद को कि हो जाएँगे एक दिन पूरे ये भी।
दिल में कई दर्द लिए बैठा है वो,
समझाते हुए खुद को कि होगा कोई जिसे बताएगें ये भी।
कई दिन जी लिए दूसरों के लिए सोचे बैठा है वो,
समझाते हुए खुद को कि जिएंगे एक दिन खुद के लिए भी।
कई मंजिलों को सोचे बैठा है वो,
समझाते हुए खुद को कि निकलेगें कभी इनके सफर पे भी।
करन

