ज़िंदगी का प्याला
आधा भरा
आधा ख़ाली है
कुछ ख़ुशियाँ तो
कुछ गम हैं
कुछ आंसूँ तो
कुछ मुस्कुराहटें हैं
कुछ हताशा तो
कुछ कामयाबी हैं
कुछ बनते बिगड़े रिश्ते तो
कुछ पूरे अधूरे सपने हैं
इसमें भरे हुए
ज़िंदगी का प्याला
आधा भरा
आधा ख़ाली है
३ जून २०२४
जिनेवा
ज़िंदगी का प्याला
आधा भरा
आधा ख़ाली है
कुछ ख़ुशियाँ तो
कुछ गम हैं
कुछ आंसूँ तो
कुछ मुस्कुराहटें हैं
कुछ हताशा तो
कुछ कामयाबी हैं
कुछ बनते बिगड़े रिश्ते तो
कुछ पूरे अधूरे सपने हैं
इसमें भरे हुए
ज़िंदगी का प्याला
आधा भरा
आधा ख़ाली है
३ जून २०२४
जिनेवा