तेरे छूने से
बदन मेरा सिहर जाता है
एक तू ही है
जो रोम रोम गुदगुदाता है
तेरी बातों से
मन मेरा बहल जाता है
एक तू ही है
जो मेरे हालात समझता है
तेरे देखने से
नज़र मेरी मुस्कुराती है
एक तू ही है
जो आँखों को पढ़ लेता है
तेरे प्यार से
दिल मेरा एहसासों से भर जाता है
एक तू ही है
जो इश्क़ को रूह तक पहुँचाता है

१२ अगस्त २०२४
जिनेवा