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ना काफ़ी है


होठों की मुस्कानदर्द छुपाने कोना काफ़ी हैआँखों की कशिशग़मों का दरियाछुपाने कोना काफ़ी हैचेहरे का नूरदिल के ज़ख़्मछुपाने कोना काफ़ी हैगफ़लत का अन्दाज़मोहब्बत छुपाने कोना काफ़ी है

१९ जून २०२४जिनेवा

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