रास्ते मुश्किल थेमंज़िल दूर थीएक तुम ही थेजो साथ थेदुनिया की भीड़ मेंकई पहचाने चेहरे थेएक तुम ही थेजो अज़ीज़ थेज़ेहन की बैचैनीबढ़ाने वाले कई थेएक तुम ही थेदेते करार थे२ अगस्त २०२४
रास्ते मुश्किल थेमंज़िल दूर थीएक तुम ही थेजो साथ थेदुनिया की भीड़ मेंकई पहचाने चेहरे थेएक तुम ही थेजो अज़ीज़ थेज़ेहन की बैचैनीबढ़ाने वाले कई थेएक तुम ही थेदेते करार थे
२ अगस्त २०२४