वो यू क्यूं गुजर कर जाती है?
जुल्फे खोल,खुशबू महकाकर,नज़र से नज़र चुपके चुपके मिलाकर । क्या.... चाहती है?
अब इतना होने के बाद भी भला क्या नींद आती है!


वो यू क्यूं गुजर कर जाती है?
जुल्फे खोल,खुशबू महकाकर,नज़र से नज़र चुपके चुपके मिलाकर । क्या.... चाहती है?
अब इतना होने के बाद भी भला क्या नींद आती है!