इश्क़ तो हम वापस से कर ले मगर
हम निभा ना सकेंगे यह विश्वास है,
राधा से हमने ऐसा प्रेम प्याला पिया,
जीवन में बची ना अब कोई प्यास है।
करते थे हम भी जब मोहब्बत कभी
कितना पावन हसीं वो एक दौर था,
आज जब हमने देखा लगा सबकुछ नया,
जमाना जो गुजरा वो बहुत और था,
किये थे जो वादे हमने तुमने कभी,
उन वादों को निभाने का ही प्रयास है,
इश्क़ तो हम वापस से कर् ले मगर
हम निभा ना सकेंगे यह विश्वास है,
राधा से हमने ऐसा प्रेम प्याला पिया
जीवन में बची ना अब कोई प्यास है।
-कपिल बासवाल


