वो तो नज़र ही कातिल थी वर्ना वज़ह क्या थी नैना मिलने की,वो तो मोहब्बत हो गई वर्ना अपनी उमर ही क्या थी शायरी लिखने की।
वो तो नज़र ही कातिल थी वर्ना वज़ह क्या थी नैना मिलने की,
वो तो मोहब्बत हो गई वर्ना अपनी उमर ही क्या थी शायरी लिखने की।