कितना आसान होता है, लम्हे भुला जाना,
पर मुश्किल है उन ख़्वाबों में खुद को पाना।
साथ बिताए पल अब खामोश हैं,
दिल के कोनों में दबी कोई आरज़ू की जोश है।
मुकाम हर किसी को पुकारता है,
पर राहे वही पाते, जो खुद को निखारता है।
ज़िन्दगी तोहफों का समंदर है,
मगर प्यास वही बुझती, जो जज्बातों का बंदर है।


