मुहब्बत को समझना आसान नहीं,

हर अहसास में बसा है, दिल का यकीन।

आसमान भी झुकेगा तेरे जज़्बे के सामने,

बस तू हर ग़म को देख, मुस्कुराने के बहाने।


खुद को खोया, तो तुझसे मिला,

तेरे बिना ये दिल आधा-अधूरा सा।

यादों के साये में जब तन्हा सा लगता हूं,

तेरा नाम लेकर, खुद को संभाल लेता हूं।


मुबारक हो वो लम्हे, जब तुझे पाया था,

आज भी वही अहसास, दिल में समाया था।

खुदा से यही दुआ है, तेरी राहें रोशन रहें,

चाहे कितना भी दूर, तेरा साथ महसूस रहे।