Poetry 1 min read 473.3K reads

ehsaas 1.3


तुम सा हसीं कोई, इस जहां में नहीं,तेरे बिना जीना, अब मुमकिन नहीं।

दिल ने तुम्हें चाहा हर धड़कन के साथ,तू ही हो मेरी मंज़िल, मेरे दिल का हर जज़्बात।

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