जग के राम-जन के राम - कामिनी मोहन पाण्डेय।'s image
96K

जग के राम-जन के राम - कामिनी मोहन पाण्डेय।

《जग के राम-जन के राम》
जग के  राम- जन  के राम
क़दम - क़दम सम्हाले राम

पाँव कमलदल पुष्प समान
रमते जन-जन पुण्य समान

जग के  फेरे,  घोर   अंधेरे
राम   कर  दे   दूर  तमाम

आँचल पसारे, बाँह फैलाए
तुमको 
Read More! Earn More! Learn More!