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इंतिज़ार में वक़्त के ज़ाए का-Kamini Mohan

Kamini MohanKamini Mohan April 16, 2022
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इंतिज़ार में वक़्त के ज़ाए का
अफ़सोस रह जाता है,

वक़्त बीत जाने पर
अपने लिए वक़्त बचा न सकने का
अफ़सोस रह जाता है,

आँखों को नींद का धोखा मिले तो
रात बीत जाने का
अफ़सोस रह जाता है,

तट पर पहुँचते ही दूर जा चुकी नय्या को देख
जल्दी न पहुँचने का
अफ़सोस रह जाता है,

कमज़ोर

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