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दूर से गूँजती- Kamini Mohan

Kamini MohanKamini Mohan April 3, 2022
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दूर से गूँजती

Kamini Mohan 
दूर से गूँजती,
आती है आवाज़।
जैसे मँडराते तूफ़ान की,
हो कोई विचित्र साज़।

डर के घोंसले से पक्षी,
उड़ने की सोचता है।
तोड़-फोड़ के परिवर्तन से,
बचने की सोचता है।

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