हिरण्य कश्यप और प्रहलाद के बीच जंग जारी है। होलिका की प्रहलाद को जलाने की पूरी तैयारी है।   "अशिक्षा" "बाल श्रम" हिरण्यकश्यप होलिका "कुपोषण" है। "प्रहलाद" रूपी बचपन का आज भी खूब हो रहा शोषण है।   अशिक्षा की लकड़ी, शोषण के कंडों को सबको मिल जलाना है। कुपोषण से जंग कर, बच्चों के जीवन में खुशियों के रंग लाना है।   अशिक्षा, कुपोषण और शोषण से बच्चों को मुक्ति दिलाएं। आओ सब जन मिल कर सचमुच की होली मनायें।