#तितली #फूल #महबूब



मेरा महबूब तस्वीर मे कुछ ऐसा दिखता है

जैसे तितली को देख कर फूल मुस्कुराता है


रंगत जब तस्वीर की यूं उतरती जाती है

जैसे सुबह का फूल शाम को मुरझा जाता है


कसक लम्हों की तड़पाती है शब ए हिज्र मे

जैसे बंजर जमीं से कोई फूल तोड़ ले जाता है


.........कमल पुंडी़र