आग हैं पानी हैं मिट्टी हैं हवा हैं तुझमें भी हैं मुझमें भी
कण- कण में बसे हैं प्रभु, मतलब तुझमें भी हैं मुझमें भी। तो जो भी करना हैं अपने अपने से ही करना हैं।
आग हैं पानी हैं मिट्टी हैं हवा हैं तुझमें भी हैं मुझमें भी। मतलब खुदा तुझमें भी हैं मुझमें भी।
ना दुआ से होगा ना दवा से होगा कोई इलाज। तो जो भी होगा वो बस अपने अपने हौंसलें से होगा।
.....कमल पुंडी़र


