खुशबू से अक्सर तेरी तस्वीर बनाया करते है हम

छाया से अक्सर तेरी बातें किया करते है हम



तन्हाईयाँ शब भर परेशान करती है इस कदर

सन्नाटा पूछता है, क्यूँ कर इस तरह जिंदगी बसर करते है हम


...कमल पुंडी़र