कल आज से अच्छा होगा


जो आज हैं, कल वो माजी़ होगा


तू माजी़ से सीख,


कमियों पे गौर फरमा, 


दिल की आवाज सुन


फिर देख, 


एक दिन तू भी सिकन्दर होगा


...कमल पुंडी़र