हिंदुस्तान की आन है हिंदी,
हम सब की पहचान है हिंदी।
रस ,छंद ,अलंकार से शोभित,
नवयौवना सी आकर्षक हिंदी।
इंद्रधनुषी छटा बिखराती,
मृदु भाव से सबको ललचाती।
संस्कृत की बेटी कहलाती,
सब भाषाओं से घुलमिल जाती।
वाणी में मिठास भर जाती,
जब जुबान पर हिंदी आती।
साहित्य कलश को यह छलकाती,
अपनेपन का बोध कराती।


