
बहुत मिले है उसे राह-ए-मोहब्बत में वफ़ा निभाने वाले,
रोज-रोज नए आते है शहर में चेहरे आने-जाने वाले।
मैं दर पर मर भी जाँऊ तो उसको यकीन नही आता,
इक इल्जाम नही आता जिनके हो हजारो चाहने वाले।
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रोज-रोज नए आते है शहर में चेहरे आने-जाने वाले।
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इक इल्जाम नही आता जिनके हो हजारो चाहने वाले।
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