उसे बुरा मत कहना गर तुने कि हो सच्ची मोहब्बत उसे,
वो गैरों के हो गए सो हो गए अब मत करो नफ़रत उसे.
डाली ने फ़ूल को युही नहीं गिराया मजबूरी रही होगी,
तुम तो समझदार हो फिर क्यूं समझ रहे हो ग़लत उसे.
जो हुआ सो हुआ तुम गिले-शिकवे भुलाकर दुआ करो,
वो जहां कहीं भी हो वहां ख़ुदा रखें सही सलामत उसे.
गर कभी किसी मोड़ पे मिल जाए तो जी भर के देखना,
पर ख़ुदाके वास्ते सबके सामने करना मत जिल्लत उसे.
वो पिंजरे कि लेला मैं आसमां का मजनु कैसे साथ उड़ते,
उड़ा के साथ ले चलता पर ना थी आसमां कि आदत उसे.
कैलाश विझुडा.#poetry#brokenheart feeling


