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थोड़ी है


वो सिर्फ़ मिट्टी समझ रहा हैं पर मिट्टी थोड़ी है,क्या फाड़ के फेंक देगा मेरा देश चिठ्ठी थोड़ी है.

कैलाश विझुडा.

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