आसमां में जिन पंखों ने आज उड़ान भरी है,वो कैसे भुल गए कि उसमें मेने जान भरी है।कैलाश विझुंडा
आसमां में जिन पंखों ने आज उड़ान भरी है,वो कैसे भुल गए कि उसमें मेने जान भरी है।
कैलाश विझुंडा