लड़का शरीफ था ..
थोड़ी सी शरारत की है //
लगता है मेरे गम में //
तोड़ी शराब पी है //
लगता है मेरे गम में //
तोड़ी शराब पी है //
समझता नहीं है इतना //
आशिकी की क्या सजा है //
सपनों में आज उसने //
मेरे गालो पे किस की है //
लगता है मेरे गम में //
तोड़ी शराब पी है //
शर्म मुझको आती //
मै बोल नहीं पाती //
मिलती है आँख जब जब //
मुस्कान छोड़ जाती //
मुझको पता है उसने //
तस्वीर मेरी ली है //
लगता है मेरे गम में //
तोड़ी शराब पी है //
मम्मी बताती बात है //
संस्कारों की //
पापा दिखाते रोब है //
ठाठ बाट के //
मैंने भी उसको प्यार की //
निशानी जो भेज दी है //
लगता है मेरे गम में //
तोड़ी शराब पी है //
शम्भू नाथ कैलाशी