
है अभिलाषा जीने की तो ॥
पर्वत से टकराना होगा ॥
अभिमान कभी न आने देना ॥
लालच क्रोध मिटाना होगा ॥
चलते रहना अपने पथ पर ॥
संघर्ष से पीछे मत हटना ॥
धक्के बहुत लगेंगे तुमको ॥
हठ करके तुम वही पे डटना ॥
अपनी इच्छा शक्ती को खुद ॥
अपने अंदर जग
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