तस्वीरें जब तुझ-सी देखते है..
आँखे भीग-सी जाती है..
पलकें उठ-सी जाती है..
नींदे जग-सी जाती है..
निगाहें झुक-सी जाती है..
नाम जब लबों पे तेरा आता है..
लब सहम-से जाते है..
लफ्ज़ सरमा-से जाते है..
अश्क़ भीग-से जाते है..
समा बंध-से जाते है..
अदाएँ जब तुझ-सी होती है..
धड़कने रूक-सी जाती है..
हवाएँ महक-सी जाती है..
शामें बहक-सी जाती है..
रातें कहर-सी लाती है..

