जमीन से फ़लक तक खुशबू महक जाएगी,इसे जो पढोगे तुम तो जिंदगी संवर जाएगी।यू तो चमकते है सितारें हर रोज़ गगन में नये,क़िताबों की मग़र रौशनी दूर तलक जाएगी।
जमीन से फ़लक तक खुशबू महक जाएगी,इसे जो पढोगे तुम तो जिंदगी संवर जाएगी।
यू तो चमकते है सितारें हर रोज़ गगन में नये,क़िताबों की मग़र रौशनी दूर तलक जाएगी।