
रोटी और प्रेम में
मैंने सदैव रोटी चुना
प्रेम के बिना जीवन नीरस
अधूरा लग सकता है लेकिन
जीवन जी सकते हैं
रोटी के बिना
मौत नि
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रोटी और प्रेम में
मैंने सदैव रोटी चुना
प्रेम के बिना जीवन नीरस
अधूरा लग सकता है लेकिन
जीवन जी सकते हैं
रोटी के बिना
मौत नि