मैं खुश हूँ कि

वक़्त ने मुझे बेजुबां नहीं किया

नहीं किया मेरे ख्वाबों से महरूम मुझे

मैं खुश हूँ कि

मुझे मैं पसंद रही हर मुकाम में ज़िन्दगी और वक़्त के

मैं खुश हूँ कि

दुनिया की तरफ मैंने नहीं देखा

मैंने नहीं सुना वो क्या कहता है मेरे बारे में

मैं खुश हूँ कि

मैं वो हूँ जो मैं होना चाहती थी

मैं खुश हूँ कि

मैं उस राह पर बहुत आगे निकल चुकी हूँ

जब महज़ इससे फर्क़ नहीं पड़ता

मेरा कल क्या था ?

मैं खुश हूँ कि

मैं अपनी नज़रों में शर्मिंदा नहीं

खुदा से कोई शिकवा नहीं

मैं खुश हूँ

Kadambari Kishore