करना पड़ता है.... जीवन हो कैसा भी, स्वीकार तो करना पड़ता है, अपने हो या लीग मतलबी, प्यार तो करना पड़ता है। कितना ही पाक, पवित्र , है दूध का धुला तू, दी गवाही उस मालिक ने तो, गिरफ्तार तो करना ही पड़ता है।। लोग सलामती की दुआ मांगते है मेरी, दूर से, पास बुलाने के लिये, खुद को बीमार करना पड़ता है। थपेड़े मारे लहरे, चाहे जितनी, मगर कश्ती को पार, करना पड़ता है।। हो मोह्हबत किसी से, दिल अगर लग जाता है, हो आस इनकार की चाहे, मगर इज़हार करना पड़ता है।