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शिफा


अर्ज किया है,

के आंखें मेरी, आंसू मेरे, फिर गिरते है क्यूं तेरे नाम पर, अब तू मौत दे दे, या शिफा, भला कोई तो एक काम कर.

— ©KAIZ
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