1 min read 585.8K reads

अजीयत


मुझको अजीयत अब रास आने लगी है, उस से केहदो अब वफा ना करे, मुझको दर्द दे, सज़ा दे, बेरुखी का मज़ा दे, बस मेरे हक मैं वो दुआ ना करे.

— ©KAIZ
Read more Earn more Learn more