ढूंढ़ता तुझको दर दर ये सारा जहाँ।


हे विधाता बता तेरा घर है कहाँ ?


लोग कहते है कण कण मे रहते हो तुम।


तुझको दिल मे तलाशा मिले तब वहाँ।


कामिनी मिश्रा