आप आए हमारी गली आज फिर।

एक फ़साना बनी ज़िन्दगी आज फिर ।


आज तुमसे अचानक नज़र जब मिली।

तेरी चाहत की दिल मे हवा फिर चली।

हो गयी आप से आशिकी आज फिर।

एक फ़साना बनी ज़िन्दगी आज फिर।


एक तमन्ना थी दिल मे कि फिर तुम मिलो।

कैसे बीते है दिन कुछ कहो कुछ सुनो।

मैं भी सजने स॔वरनै लगी आज फिर।

एक फ़साना बनी ज़िन्दगी आज फिर।


तेरी राहें मिली फिर गली से मेरी।

वक्त भी लिख रहा दास्तां फिर वही।

तुमसे दिल की लगी हो गयी आज फिर।

एक फ़साना बनी ज़िन्दगी आज फिर।


तेरी तस्वीर आँखों मे कब से बसी।

तुम जो आए ना तुमसे निगाहें हटी।

लग ही जायेगी तुमको नज़र आज फिर।

एक फ़साना बनी ज़िन्दगी आज फिर।


कामिनी मिश्रा