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दोस्ती


वो बेबाक बातें ,वो हंसी ठिठोली।वो मस्ती का आलम,वो दोस्तों की टोली।यही तो हमारा है सच्चा खज़ाना।ये अनमोल रिश्तों का है तानाबाना।

कामिनी मिश्रा

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