दर्द दिल मे छिपाते रहे तुम बहुत ,फिर भी आँखों से आखिर छलक ही गया ।वक्त ही तो था कब तक ठहरता भला,वक्त के साथ ये भी गुज़र ही गया ।कामिनी मिश्रा
दर्द दिल मे छिपाते रहे तुम बहुत ,
फिर भी आँखों से आखिर छलक ही गया ।
वक्त ही तो था कब तक ठहरता भला,
वक्त के साथ ये भी गुज़र ही गया ।
कामिनी मिश्रा