मेरी कविताएं जानती हैं

अन्दर छिपे जज़्बात को,,

बोलते नहीं जो कुछ

उन अनकहे अल्फाज़ को,,

लिख दी जाती बातें

दिल के उस एहसास को,,

समझ सकेगा कोई

क्या मेरे अनजाने राज़ को,,


-© ज्योत्सना अरोड़ा

Jyotsana Arora