ज़िन्दगी लिखते-लिखतेना जाने कहांँ चले जाते हैंएहसास,कभी लगती उदासी तो कभीइश्क़ की प्यास,जब सोचो तो थम से जाते हैंये हाथ,कि क्या ही लिखें अब कैसा हैज़िन्दगी का साथ,,