कैसे सोचूं किचाहत शुरू हुई है अभी,ये इश्क़ तो इसजमाने का लगता ही नहीं,,
कैसे सोचूं किचाहत शुरू हुई है अभी,
ये इश्क़ तो इसजमाने का लगता ही नहीं,,