अब उम्र हुई तो पता चला कमाना क्या है
चार पैसे ना हो तो जमाना क्या है
जवानी के दो बोझ देखे तो समझ आया
खोया हुआ बचपना क्या है
अब उम्र हुई तो पता चला कमाना क्या
वो जो हर बात पे रो देते थे
यार दोस्तो से गम बाठ लेते थे
अब चार लोगो में बैठे तो समझ आया
दर्द छुपाना क्या है
अब उम्र हुई तो पता चला कमाना क्या है
वो जो बेखौफ से खर्चे थे
पापा से पैसों के लिए झगड़े थे
अब खुद की तनख्वा आई तो
समझ आया बचाना क्या है
अब उम्र हुई तो पता चला कमाना क्या है
घर से बहार निकले तो समझ आया
नकाब लगाना क्या है
जिंदगी का गणित सीखा तो समझ आया
दुनिया का हिसाब किताब क्या है
अब उम्र हुई तो पता चला कमाना क्या है


