ज़िन्दगी तेरी आँखों में मेरे लिए
नमी नहीं है
है अगर आसमाँ मेरा तो मेरे लिए ज़मीं नहीं है।
तुझसे छिपाऊँ भी कितना अब ए दिल
तुझसे जुदा कोई धड़कन बनी नहीं है।
ले कर भी लिया तेरा एतबार ओ खुशी मगर,
दो पल भी तो तू मेरे लिए थमी नहीं है।
मेरे अश्क़ों को यूं ही तो मत लो तुम
सोचो ज़रा कहीं कोई कमी तो नहीं है।
ज्योति जेठमलानी।

