हाल-ए-दिल 

कैसे क्या बताएं तुम्हें।

गर कुछ समझो 

तो समझाएं तुम्हें।।

रूबरू आने की 

क्यूँ ज़िद है भला_

पलकें बँद करो, 

ऐसे ही दिख जायें तुम्हें।।

     ~ज्योति किरण