#गमों की ज़द में हूं ऐसेेेे,

कि दिल हंस नहीं पाता,

भूला दूं तुझको मैं कैसे??

मुझे कुछ समझ नहीं आता,

सताती हैं तेरी यादें,

सुबह-शाम और शब भर,

मैं जिऊं तो अब कैसे??

तेरे बिन जिया नहीं जाता!!

-ज्योति गुप्ता