सब जाग रहे हैं तुम ज़रा संभल के तो देखो चांदनी रातों में कभी संग चल के तो देखो
देखो ये नज़ारे 'राही' खूबसूरत कितने हैं, शहर की उठापटक से निकल के तो देखो
रास ना आजाए मुल्क मेरा तो तुम कहना अबके तुम ज़रा ये रास्ते बदल के तो देखो


सब जाग रहे हैं तुम ज़रा संभल के तो देखो चांदनी रातों में कभी संग चल के तो देखो
देखो ये नज़ारे 'राही' खूबसूरत कितने हैं, शहर की उठापटक से निकल के तो देखो
रास ना आजाए मुल्क मेरा तो तुम कहना अबके तुम ज़रा ये रास्ते बदल के तो देखो