बहुत कुछ रह गया था जेहन में उसके लिए
शायद सब कुछ ही तो..
क्योंकि मैंने इतने दिनों में
उसे सिर्फ सुना ही था
बोलना कभी अच्छा ही नहीं लगा उसके आगे
नतीज़न मैं उससे कभी इज़हार न कर पाया
और वो मुझसे कभी प्यार न कर पाया


बहुत कुछ रह गया था जेहन में उसके लिए
शायद सब कुछ ही तो..
क्योंकि मैंने इतने दिनों में
उसे सिर्फ सुना ही था
बोलना कभी अच्छा ही नहीं लगा उसके आगे
नतीज़न मैं उससे कभी इज़हार न कर पाया
और वो मुझसे कभी प्यार न कर पाया