Poetry 1 min read 619.1K reads

विरोधाभास।


लिखोइतना लिखो कि,मन भर जाऐ।

मन सारे भावों से खाली हो जाऐ।

कुछ ना रहे बाकी।

तुम ये भी ना कह सको कि मन भावशुन्य हो गया है।

इतना लिखो.......शुन्यता भी उपलब्ध ना रहे।

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